दोस्ती
रोजी रोटी की भाग दौड़ में हम ये भूल गए,
कुछ पक्के यार-दोस्त शायद पीछे छुठ गए |
न रूठे है एक-दूजे से न ही कोई बैर हैं,
बात अब होती नहीं बस वक़्त का फ़ेर है |
हर किसी की जिंदगी में एक पल ऐसा आता है,
जब सब साथ छोड़ जाते हैं तब,
सिर्फ एक सच्चा दोस्त ही याद आता है |
लाख मज़ाक उड़ाये आपका मगर,
वक़्त आने पर साथ जरूर देता है |
भले ही कभी न दिखाये मगर,
आपकी याद में एक बार तो जरूर रोता है |
दोस्त वो इंसान होता है जो आपकी खुशी में खुश,
और आपकी तकलीफ मे उदास होता है |
कभी परेशान करता है कभी बहस करता है,
आपके सामने नहीं मगर आपके पीछे,
आपकी दिल से बहुत इज्ज़त करता है |
दोस्त वो होता है जो हर शरारत मे
आपका साथ देता है,
पकड़े जाने पर आधी-आधी पिटाई
बाँट लेता है,
टिफिन से खाना चुराकर खाता है,
कभी पकड़े जाने पर
सबसे पहले आपका नाम लगाता है |
मगर हम बड़े क्या हुए अपने दोस्तों से बिछड़ने लगे,
दोस्त एक-एक कर हाथ से फिसलने लगे,
हालात अब तक सबके बदलने लगे,
मिलने और बात करने के लिए अब हम तरसने लगे |
वो बचपन की शरारतें और जवानी की यादे
याद कर लेते हैं,
एक दूसरे को Birthday या त्यौहारो पर जाकर मिल लेते हैं,
Facebook या Instagram पर tag कर लेते हैं,
फासले होते होते इतने हो गए
न जाने हम कब 'तू' से 'तुम' और 'तुम' से 'आप' हो गए |
रोज ख्याल करते हैं और रोज याद करते है,
मगर बात करने को मुहुर्त का इंतज़ार करते हैं,
जो घर से चलते ही मिलते थे वो दोस्त
न जाने अब किस दुनिया में बसते हैं,
जो मिलते हैं वो दोस्ती के किस्से नहीं
सिर्फ अपनी कामयाबी कहते हैं |
अब किसी को याद ही नहीं कि हम
दोस्ती की कसमें खाते थे,
दोस्ती के नए हो या पुराने गीत गाते थे,
हर खुशी को साथ में मिलकर मनाते थे,
और हर ग़म में बराबर आँसू बहाते थे |
बस इतनी सी जिंदगी की बात है,
दोस्त के साथ जिंदगी आसान
बिन दोस्तों के जीना बर्बाद है |
Written by
Roy
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